जनाज़े की नमाज “Janaza Ki Namaz Ka Tarika” 4 तकबीरों (अल्लाहू अकबर) के साथ बगैर किसी रुकू या सजदे के खड़े होकर पढ़ी जाने वाली एक ख़ास नमाज है। जिसमें नमाज़ के लिए सना, दूरूद-ए-इब्राहिम और मय्यत के लिए दुआ पढ़ी जाती है। इस नमाज़ में इमाम के पीछे कम से कम 3 सफ (Line) बनाना बेहतर है इससे भी ज्यादा आप कितनी भी बना सकते है |
जनाज़े की नमाज का मुकम्मल तरीका STEP BY STEP:
सबसे पहले नियत पढ़े:
Janaze ki Niyat in Hindi
"मैंने नियत की 4 तकबीरों के साथ नमाजे जनाज़ा, सना वास्ते अल्लाह के, दरूद वास्ते नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के, दुआ वास्ते इस मय्यत के, पीछे इस इमाम के"
अब पहली तकबीर होगी (Takbeer 1): अब आप भी 'अल्लाहू अकबर' कहकर हाथ उठाएं और हाथ बांध लें (हनाफी तरीके के मुताबिक), अब आप 'सना' पढ़ें।
Janaze ki Sana in Hindi
"सुब्हा-न-कल्ला- हुम्मा व बि-हम्दिका, व तबा रकस्मुका व तआला जद्दुका, व जल्ला सनाउका, व ला इलाहा गैरुका"
अब दूसरी तकबीर होगी (Takbeer 2): 'अल्लाहू अकबर' अब आप दरूदे इब्राहिम पढ़ें
Durood Ibrahim In Hindi:
"अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिन व अला आलि मुहम्मदिन कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीमा इन्नका हमीदुम मजीद.
अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिन व अला आलि मुहम्मदिन कमा बारकता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीमा इन्नका हमीदुम मजीद”
अब तीसरी तकबीर होगी (Takbeer 3): 'अल्लाहू अकबर' अब आप मय्यत के दुआ पढेंगे
जिसका इंतकाल हुआ है अगर वो बालिग़ (adult) मर्द या औरत है तब आप दुआ पढेंगे :
Janaze ki Dua in Hindi ( For adult)
"अल्लाहुम्मग-फ़िर लि-हय्यिना व मय्यितिना व शाहिदिना व ग़ाइ़बिना व सग़ीरिना व कबीरिना व ज़करिना व उन्सा़ना। अल्लाहुम्मा मन अहयैतहु मिन्ना फ़-अहयिही अलल इस्लाम, व मन तवफ़्फ़ैतहु मिन्ना फ़-तवफ़्फ़हु अलल ईमान"
जिसका इंतकाल हुआ है अगर वो नाबालिग़ लड़का है तब आप दुआ पढेंगे
Janaze ki Dua in Hindi ( For miner Boy)
"अल्लाहुम्मज-अल्हु लना फ़रतंव-वज-अल्हु लना अजरंव-व जुखरंव-वज-अल्हु लना शाफ़िअंव-व मुशफ्फअ"
जिसका इंतकाल हुआ है अगर वो नाबालिग़ लड़की है तब आप दुआ पढेंगे
Janaze ki Dua in Hindi ( For miner Girl)
"अल्लाहुम्मज-अल्हा लना फ़रतंव-वज-अल्हा लना अजरंव-व जुखरंव-वज-अल्हा लना शाफ़िअतंव-व मुशफ्फअह"
अब चौथी तकबीर होगी (Takbeer 4): 'अल्लाहू अकबर'
अब आप बगैर कुछ पढ़े, हाथ छोड़ दें। और सलाम फेरे
'अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह' कहते हुए पहले दाहिनी, फिर बाईं तरफ सलाम फेरें, जैसे बाकी नमाज़ के दौरान आप अलाम फेरते है |
जनाज़े की नमाज़ के लिए ज़रूरी बातें:
नमाज पूरी तरह खड़े होकर पढ़ी जाती है, सजदा या रुकू नहीं होता।
अगर मय्यत को नहलाना संभव न हो तो तयम्मुम कराया जा सकता है, और जनाजे को सामने रखना ज़रूरी है।
यह नमाज़ 4 तकबीरों के साथ इमाम के पीछे पढ़ना ज़रूरी है, वरना दुआ पूरी नहीं होती।
नमाज़े जनाज़ा के दौरान जूते पहनकर नमाज़ पढ़ना (अगर वे साफ हों) जायज़ है।
जनाज़े की नमाज़ से जुड़े ज़रूरी सवाल–जवाब
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